Home राज्यउत्तर प्रदेशमाघ मेला विवाद के बाद यूपी में ‘शिखा’ पर सियासत तेज: डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों का किया सम्मान, विपक्ष हमलावर

माघ मेला विवाद के बाद यूपी में ‘शिखा’ पर सियासत तेज: डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों का किया सम्मान, विपक्ष हमलावर

by ashishppandya90@gmail.com
0 comments

माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मौजूद बटुकों की शिखा खींचे जाने के आरोप के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में घमासान मच गया है। इस घटना को लेकर सनातन आस्था और ब्राह्मण सम्मान का मुद्दा गरमा गया है, जिसके बीच राज्य सरकार डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रही है।

इसी क्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया। उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया, मालाएं पहनाईं और उनकी शिखा का आदर करते हुए आशीर्वाद लिया। एनडीटीवी से बातचीत में पाठक ने कहा, “ब्राह्मणों की शिखा खींचना महापाप है। किसी को भी उन्हें छूने का अधिकार नहीं है।”

पाठक का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख से अलग सुर के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान भी चर्चा में रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे पर बीजेपी के भीतर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं।

उधर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी दो विचारों में बंटी हुई नजर आ रही है और जनता को समझना चाहिए कि सनातन के अधिक करीब कौन है।

विपक्ष ने भी इस मुद्दे को हाथोंहाथ लिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर ‘पाप’ शब्द को लेकर कटाक्ष किया और लिखा, “सब आएं, सब ही पुण्य कमाएं… शब्द-कर्म के सब पाप मिटाएं।”

इस पूरे घटनाक्रम ने यूपी में ब्राह्मण राजनीति को फिर से केंद्र में ला दिया है। सवाल यह है कि क्या ‘शिखा’ का यह विवाद आने वाले समय में बड़ा चुनावी मुद्दा बनेगा, या फिर यह महज तात्कालिक सियासी हलचल साबित होगा। फिलहाल, आस्था और राजनीति का यह संगम प्रदेश की सियासत को नई दिशा देता नजर आ रहा है।

You may also like

Leave a Comment