मुंबई के ऐतिहासिक महात्मा ज्योतिबा फुले मंडई इलाके में अवैध फेरीवालों और कथित अनधिकृत कब्जे को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने बुधवार को मंडई और मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय परिसर का दौरा कर अवैध दुकानों और फेरीवालों का मुद्दा उठाया।

सोमैया ने आरोप लगाया कि पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने, अब्दुल रहमान स्ट्रीट और महात्मा फुले मंडई के आसपास बड़ी संख्या में फेरीवाले बिना लाइसेंस के दुकानें चला रहे हैं। उनके मुताबिक फुटपाथ पर स्थायी ढांचे बनाकर दुकानें खड़ी कर दी गई हैं और पादचारी मार्गों पर अवैध अतिक्रमण किया गया है।
इस निरीक्षण दौरे में मुंबई महानगरपालिका के ए, बी और सी विभाग के अधिकारी, संबंधित पुलिस थानों के अधिकारी, साथ ही भाजपा नगरसेवक रीटा मकवाना, आकाश पुरोहित, पूर्व नगरसेवक शरद पेटीवाला और जनक संघवी भी मौजूद थे।
सोमैया ने दावा किया कि निरीक्षण की पूर्व घोषणा के कारण कई अवैध फेरीवाले मौके से गायब हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडई के बाहर वर्षों से अस्थायी मंडप बनाकर कई दुकानें चलाई जा रही हैं और इनकी वैधता की जांच नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि मंडई परिसर में काम करने वाले कई लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ है और प्रशासन को इस पूरे मामले की तत्काल जांच करनी चाहिए।

भाजपा नेता ने मांग की कि सभी अनधिकृत गालों को सील किया जाए, अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल इस मामले पर मुंबई महानगरपालिका या पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।