मुंबई के मुलुंड इलाके में वडाला-कासारवडवली मेट्रो-4 ग्रीन लाइन परियोजना के तहत निर्माणाधीन स्लैब गिरने की घटना के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। एलबीएस रोड पर हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
इस घटना को लेकर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार के तथाकथित विकास मॉडल की पोल खोलती है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सपकाल ने आरोप लगाया कि महायुति सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर है और अब इसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि घनी आबादी वाले इलाके में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। क्या सरकार निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी कर रही है या नहीं?

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने यह भी कहा कि सिर्फ ठेकेदार पर कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। जिस तरह सरकार विकास कार्यों का श्रेय लेती है, उसी तरह उसे हादसों की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कोस्टल रोड, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक और समृद्धि महामार्ग जैसे महंगे प्रोजेक्ट्स पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन एक साल के भीतर ही सड़कों पर गड्ढे और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अगर इतना खर्च करने के बाद भी परियोजनाएं जनता के लिए जोखिम बन रही हैं, तो ऐसे विकास का क्या अर्थ है?
सपकाल ने मांग की कि मुलुंड मेट्रो स्लैब हादसे की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।