मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने शरदचंद्र पवार गुट के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे द्वारा लिखे गए एक लेख का तीखा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि लेख में अजितदादा पवार के बारे में भ्रामक, गलत और दिशाभूल करने वाली बातें लिखी गई हैं, जो पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
आनंद परांजपे ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि शशिकांत शिंदे सार्वजनिक रूप से राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उनके पुत्र पार्थ पवार और जय पवार सहित पूरे परिवार से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि अजितदादा के जीवनकाल में भी उनकी छवि को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया और दुर्भाग्यवश उनके निधन के बाद भी वही साजिश जारी है।
परांजपे ने आरोप लगाया कि लेख में यह गलत चित्रण किया गया है कि किसी अदृश्य शक्ति या दबाव के कारण अजितदादा ने अलग राह चुनी। उन्होंने कहा कि 2 जुलाई 2023 को भारतीय जनता पार्टी के साथ सत्ता में जाने का फैसला पूरी तरह राजनीतिक निर्णय था, उस पर किसी तरह का दबाव या षड्यंत्र नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद, जब भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, तब बाहर से समर्थन देने का निर्णय भी पार्टी के भीतर चर्चा के बाद लिया गया था। 2016, 2017 और 2019 के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए परांजपे ने कहा कि स्थिर सरकार के लिए भाजपा के साथ जाने की भूमिका कई बार बैठकों में सामने रखी गई थी।

आनंद परांजपे ने आरोप लगाया कि अजितदादा के निधन के तुरंत बाद विलिनीकरण की तारीख घोषित करना राजनीतिक संवेदनहीनता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब पूरा महाराष्ट्र शोक में था, तब राजनीतिक स्वार्थ के लिए विलय की चर्चा शुरू कर दी गई, जो राज्य की संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने दोहराया कि फिलहाल पार्टी के सामने विलिनीकरण का कोई सवाल नहीं है।
विधिमंडल में सुनेत्रा पवार के नेता चुने जाने और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर उठाए गए सवालों पर भी परांजपे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ और उस पर अनावश्यक राजनीति की जा रही है।
बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर भी परांजपे ने कहा कि इसकी जांच ‘एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ (AAIB) कर रहा है और प्राथमिक रिपोर्ट आने से पहले उसे राजनीतिक रंग देना गलत है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उसी कंपनी के विमान से अन्य नेताओं ने भी पहले यात्रा की थी।
अंत में आनंद परांजपे ने चेतावनी दी कि अजितदादा पवार के खिलाफ लगाए जाने वाले हर आरोप का पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सख्त जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भी जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, वह निंदनीय है और उसका कड़ा विरोध जारी रहेगा।