वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन छेड़ने का प्रस्ताव दिया है।
आंबेडकर ने अपने पत्र में हाल ही में सामने आए अंतरराष्ट्रीय ईमेल विवाद, अमेरिका के साथ कथित आर्थिक व्यापार समझौते और वर्ष 2020 के भारत-चीन सीमा संघर्ष का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इन घटनाओं ने देश की संप्रभुता, रणनीतिक स्वायत्तता और नीति-निर्माण की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

प्रकाश आंबेडकर ने लिखा है कि कांग्रेस लोकसभा के भीतर इन मुद्दों को उठा रही है, जो सराहनीय है, लेकिन अब इन सवालों को जनता के बीच ले जाने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया है कि कांग्रेस, वंचित बहुजन आघाड़ी और अन्य भाजपा-विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल सहित समान विचारधारा वाले संगठनों को एकजुट होकर देश के कोने-कोने में विरोध प्रदर्शन करना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों और कार्यकर्ताओं को भी इस आंदोलन में शामिल करने की अपील की है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है और क्या विपक्षी एकता के जरिए यह मुद्दा सड़कों से संसद तक बड़ा राजनीतिक रूप ले पाता है।