भिवंडी निज़ामपुर महानगरपालिका की कार्यप्रणाली के खिलाफ स्थानीय नागरिकों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। मौलाना अबुल कलाम आज़ाद मैदान गार्डन में प्रस्तावित पानी की टंकी का निर्माण कार्य महीनों से बंद पड़ा है। इससे नाराज़ क्षेत्र के लोगों ने खुद गार्डन में पहुंचकर जमीन पर कुदाल मारते हुए प्रतीकात्मक रूप से निर्माण कार्य का ‘भूमिपूजन’ कर दिया।
स्थानीय समाजसेवक जावेद अख्तर सिराज अहमद अंसारी (जावेद किरण) के नेतृत्व में नागरिकों ने मनपा प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि टंकी निर्माण के लिए मार्किंग का काम पूरा हो चुका था, लेकिन कथित तौर पर एक नेता के फोन कॉल के बाद काम रोक दिया गया। नागरिकों ने मांग की है कि किसके दबाव में काम रोका गया, इसकी लिखित जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही निर्माण की लागत, समय-सीमा और देरी के कारणों का स्पष्ट विवरण भी सामने लाया जाए।

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से पानी की गंभीर किल्लत झेल रही हैं। आरोप है कि चुनाव के दौरान दो घंटे पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन अब वह भी बंद हो चुकी है। रमजान माह नजदीक होने के कारण पानी की समस्या और गंभीर हो गई है। महिलाओं को दूर-दराज से सिर पर बर्तन रखकर पानी लाना पड़ रहा है। कई बार नलों से बदबूदार और गंदा पानी आने की शिकायत भी सामने आई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो 16 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे चिंदी शाह मस्जिद से महानगरपालिका मुख्यालय तक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद मनपा कार्यालय के सामने मंडप लगाकर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन का भी सहारा लिया जाएगा।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना महानगरपालिका की कानूनी जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किस कारण से निर्माण कार्य रोका गया और कब तक भिवंडी के नागरिकों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।