Home mumbaiमुंबई महानगरपालिका में 44 साल बाद BJP का महापौर, रितू तावडे बनीं शहर की पहली भाजपा महिला मेयर

मुंबई महानगरपालिका में 44 साल बाद BJP का महापौर, रितू तावडे बनीं शहर की पहली भाजपा महिला मेयर

by ashishppandya90@gmail.com
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मुंबई महानगरपालिका में 44 साल बाद भारतीय जनता पार्टी का महापौर बन गया है। घाटकोपर से नगरसेविका रहीं रितू तावडे ने 11 फरवरी 2026 को महापौर पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया। वे मुंबई महानगरपालिका में भाजपा की पहली महिला महापौर भी बन गई हैं। वहीं शिवसेना के संजय घाडी को उपमहापौर चुना गया है।


महापौर और उपमहापौर ने मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी की उपस्थिति में सभागृह में पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम, कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर, राजहंस सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और नव-निर्वाचित नगरसेवक मौजूद रहे।
रितू तावडे घाटकोपर के प्रभाग क्रमांक 132 से नगरसेविका चुनी गई हैं। इससे पहले वे मुंबई महापालिका की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। संगठन और प्रशासनिक अनुभव के चलते उन्हें पार्टी का मजबूत और आक्रामक चेहरा माना जाता है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर कहा कि महायुति के महापौर और उपमहापौर मुंबई को पारदर्शी और लोकाभिमुख प्रशासन देंगे। उन्होंने कहा कि अनुभवी नेतृत्व के साथ महानगरपालिका के कामकाज में नई गति आएगी और बाळासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष में उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप मुंबई का विकास किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार महापौर और उपमहापौर को हर संभव सहयोग देगी।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबईकरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महायुति को मिला जनादेश विकास के एजेंडे पर मुहर है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से रुका विकास अब रफ्तार पकड़ेगा और मुंबई को वैश्विक दर्जे का शहर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुंबई को विश्वस्तरीय शहर बनाने में महापौर और उपमहापौर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुंबई महानगरपालिका की सत्ता में यह बदलाव राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि चार दशक से अधिक समय बाद भाजपा को शहर की सत्ता में महापौर पद मिला है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि महायुति नेतृत्व वाली महापालिका प्रशासनिक सुधार और विकास के मोर्चे पर कितना असर दिखा पाती है।

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