मुंबई महानगरपालिका को आखिरकार नया नेतृत्व मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नगरसेविका रितु तावड़े को मुंबई का नया महापौर चुना गया है। उनके नाम की औपचारिक घोषणा बीजेपी मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने की। इसके साथ ही रितु तावड़े मुंबई की पहली महिला मेयर बन गई हैं, जिसे नगर राजनीति में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
रितु तावड़े का राजनीतिक सफर करीब डेढ़ दशक पुराना है। उन्होंने साल 2012 में वार्ड नंबर 127 से जीत दर्ज कर नगर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद 2017 में घाटकोपर के वार्ड नंबर 121 से वह निर्वाचित हुईं। हाल ही में हुए 2025 के चुनाव में उन्होंने वार्ड नंबर 132 से एक बार फिर जीत हासिल कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।
नगर निगम में अपने कार्यकाल के दौरान रितु तावड़े ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वह मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की एजुकेशन कमिटी की चेयरमैन भी रह चुकी हैं। शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनके काम को खास तौर पर सराहा जाता रहा है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि उनके अनुभव, प्रशासनिक समझ और संगठनात्मक क्षमता से मुंबई को स्थिर और प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। इसी वजह से उन्हें महापौर पद का दावेदार बनाया गया।

वहीं सत्ता संतुलन के तहत शिवसेना को डिप्टी मेयर का पद मिला है। शिवसेना ने संजय शंकर घाड़ी को उपमहापौर पद के लिए नामित किया है। 57 वर्षीय संजय घाड़ी मुंबई के ही निवासी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा मुंबई महानगरपालिका के स्कूल से प्राप्त की, इसके बाद दादर के छबिलदास हाई स्कूल से माध्यमिक शिक्षा पूरी की और सिद्धार्थ कॉलेज, फोर्ट से बी.कॉम. की डिग्री हासिल की। नगर राजनीति में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

मुंबई महानगरपालिका में नए नेतृत्व के साथ अब शहर की प्रशासनिक दिशा और विकास की रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं। महिला मेयर के रूप में रितु तावड़े का चयन न सिर्फ राजनीतिक संतुलन का संकेत देता है, बल्कि मुंबई की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत भी माना जा रहा है।