सांगली:वाळवा तालुका के सर्वांगीण विकास को नई गति देने का भरोसा जताते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि धनुष-बाण को दिया गया हर एक वोट विकास, रोजगार और समृद्धि की दिशा में मजबूत कदम है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की पृष्ठभूमि में आयोजित वाळवा की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मतदाताओं से धनुष-बाण के सामने वाला बटन दबाकर उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की।

अपने संबोधन की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य के वरिष्ठ नेता अजित पवार को भावपूर्ण अभिवादन किया और उनके सार्वजनिक जीवन के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में संयम और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ना ही महाराष्ट्र की प्रगति का मार्ग है। क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि को नमन करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को सकारात्मक और मर्यादित प्रचार का संदेश दिया।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘लाडकी बहिण योजना’ को सरकार की महत्वाकांक्षी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक अधिकार मिले हैं। महिला बचत समूह, स्वरोजगार, लघु उद्योग, उत्पादन केंद्र और क्रेडिट सोसायटियों के जरिए हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार सुरक्षित होंगे और समाज तेजी से आगे बढ़ेगा।

कृषि और सहकार क्षेत्र पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वाळवा तालुका कृष्णा और वारणा नदी घाटी में स्थित है, इसलिए लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। नहरों की मरम्मत, लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के बिजली बिल और डीपीडीसी के माध्यम से किसानों को अधिक निधि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकार, शुगर फैक्ट्री और शैक्षणिक संस्थानों के कारण वाळवा तालुका राज्य में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
पायाभूत सुविधाओं की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 138 करोड़ रुपये के सड़क कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 21 नए सड़क और पुल परियोजनाओं के लिए करीब 108 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निधि स्वीकृत की गई है। वाळवा इस्लामपुर मार्ग और वाळकेश्वर पुल को जोड़ने वाले रास्तों के काम जल्द शुरू किए जाएंगे।

औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर उन्होंने कहा कि एमआईडीसी परियोजना को कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे जमीन पर उतारा जाएगा। स्थानीय उद्योग, कृषि-प्रसंस्करण, पर्यटन और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। कृष्णा नदी के किनारे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बोटिंग क्लब और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सांगली जिले के 23 प्रमुख देवस्थानों के विकास के लिए लगभग 66 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। मिरज और सांगली के अस्पतालों के लिए 93 करोड़ रुपये का निधि दिया गया है। जिला परिषद स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक तकनीकी और रोबोटिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।

ग्रामीण विकास के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 55,640 घरकुल मंजूर किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश निर्माण के अंतिम चरण में हैं। ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने के लिए 82 नई ग्राम पंचायत इमारतों का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही ‘लखपती महिला’ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न बचत समूह योजनाएं लागू की जा रही हैं।
इतिहास और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि क्रांतिवीर नागनाथअण्णा नायकवडी के नाम पर पुनर्विकास महामंडल की स्थापना की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे कार्यान्वित किया जाएगा। वाळवा नगरपालिका के गठन की भी घोषणा उन्होंने की।

सभा के अंत में उपमुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता और देशभक्ति का संदेश देते हुए कहा कि पेहलगाम हमले के कठिन समय में चंद्रहार पाटील सहित बारह सौ पहलवानों ने सैनिकों के लिए रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने दोहराया कि विकास, रोजगार और समृद्धि के लिए यह चुनाव बेहद अहम है और धनुष-बाण को वोट देकर उम्मीदवारों को भारी बहुमत से विजयी बनाना चाहिए।
इस अवसर पर सांसद धैर्यशील माने, विधायक सदाभाऊ खोत सहित शिवसेना-भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।