अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बजट से ठीक पहले भारत से जुड़ा एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ईरान से तेल खरीदने के बजाय अब वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदेगा और इस दिशा में दोनों देशों के बीच कॉन्सेप्ट ऑफ डील तय हो चुकी है।
फ्लोरिडा जाते समय अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम पहले ही वह डील कर चुके हैं। कॉन्सेप्ट ऑफ डील हो चुकी है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब है कि डील के बुनियादी ढांचे और प्रारंभिक सहमति पर दोनों पक्षों में समझ बन चुकी है, हालांकि अंतिम औपचारिक समझौता अभी होना बाकी है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए चीन यदि अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है तो उसका स्वागत है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में दुनिया के कई देश वेनेजुएला से तेल आयात शुरू करेंगे और इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका अहम भूमिका निभाएगा।
इससे पहले रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि अमेरिका ने भारत सरकार को संकेत दिया है कि वह वेनेजुएला से तेल की खरीद दोबारा शुरू कर सकता है, ताकि रूस से होने वाले तेल आयात का विकल्प तैयार किया जा सके। अमेरिका का यह कदम यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस को मिलने वाले तेल राजस्व को कम करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि मार्च पिछले वर्ष अमेरिका ने वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसमें भारत भी शामिल था। हालांकि अब ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला को लेकर अपने रुख में नरमी दिखाता नजर आ रहा है। ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वेनेजुएला से जुड़ी अमेरिकी नेतृत्व वाली पहल सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही तेल निर्यात दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
ट्रंप के इस बयान को बजट से पहले भारत की ऊर्जा नीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जिस पर आने वाले दिनों में आधिकारिक प्रतिक्रिया और तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।