नई दिल्ली :अर्थव्यवस्था के लिए कल का दिन बेहद अहम होने वाला है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक होगा, क्योंकि निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी।
खास बात यह है कि रविवार की छुट्टी होने के बावजूद बजट पेश किया जाएगा और इसका समय सुबह 11 बजे ही तय किया गया है, जैसा कि वर्ष 2017 से चली आ रही परंपरा रही है।

बजट 2026 मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट होगा। ऐसे में इससे अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाले बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है। मध्यम वर्ग, नौकरीपेशा लोगों, किसानों, युवाओं और उद्योग जगत की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं। आयकर में संभावित राहत, महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, स्टार्टअप्स, डिजिटल इकॉनमी और सामाजिक कल्याण योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं कल बजट के जरिए सामने आएंगी।
बजट से पहले 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया था, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति, विकास दर और चुनौतियों का विस्तृत खाका सामने रखा गया। आर्थिक सर्वेक्षण को बजट की नींव माना जाता है और उसी के आधार पर सरकार आने वाले वित्त वर्ष के लिए अपनी आर्थिक रणनीति तैयार करती है। अब वित्त मंत्री अपने बजट भाषण में यह बताएंगी कि अगले एक साल में सरकार टैक्स से कितनी कमाई करेगी, किन क्षेत्रों में कितना खर्च किया जाएगा और आम लोगों के लिए कौन-कौन सी नई योजनाएं लाई जाएंगी।

केंद्रीय बजट 2026 का लाइव प्रसारण संसद टीवी और डीडी न्यूज पर किया जाएगा। इसके अलावा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट indiabudget.gov.in पर बजट से जुड़े सभी दस्तावेज, भाषण और आंकड़े उपलब्ध होंगे। यूट्यूब पर संसद टीवी और पीआईबी के आधिकारिक चैनलों पर भी बजट का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि आने वाले एक साल के लिए सरकार की आर्थिक दिशा और नीतियों को तय करने वाला अहम रोडमैप साबित होगा। कल सुबह 11 बजे देश की नजरें संसद पर होंगी, जहां से भारत की आर्थिक तस्वीर को आकार देने वाले बड़े फैसलों का ऐलान किया जाएगा।