धर्मवीर, स्वराज्यरक्षक, छत्रपति संभाजी महाराज मुंबई कोस्टल रोड (दक्षिण) पर घूमने आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने स्वच्छता की दिशा में एक बड़ी पहल की है। कोस्टल रोड के विहार क्षेत्र में छह अलग-अलग स्थानों पर अत्याधुनिक जैव-विघटनक्षम शौचालय यानी बायो-टॉयलेट्स की सुविधा शुरू की गई है।

ये बायो-टॉयलेट्स पादचारी भुयारी मार्ग यानी पीयूपी नंबर 2, 4, 6, 11, 12 और 14 पर उपलब्ध कराए गए हैं। अमरसन्स उद्यान के पास, आकृती इमारत वाहनतल, हाजी अली जंक्शन, वरळी दुग्धशाला के सामने, बिंदूमाधव ठाकरे चौक और खान अब्दुल गफार खान मार्ग जैसे प्रमुख स्थानों पर अब नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की सुविधा मिलेगी।

मुंबई की यातायात व्यवस्था में कोस्टल रोड को एक अभियांत्रिकी चमत्कार माना जाता है। समुद्र किनारे विकसित किए गए विहार क्षेत्र में रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग सैर और मनोरंजन के लिए पहुंचते हैं। इसी बढ़ती भीड़ और जरूरत को ध्यान में रखते हुए, महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर यह पहल की गई है। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी और अविनाश ढाकणे के मार्गदर्शन में घनकचरा प्रबंधन विभाग ने इन आधुनिक बायो-टॉयलेट्स की स्थापना की है।
हर एक मॉड्युलर बायो-टॉयलेट का आकार 20×20×8 फीट है और यह 1 किलोवॉट की सौर ऊर्जा प्रणाली पर संचालित होगा। इसमें महिलाओं के लिए 2 शौचालय, पुरुषों के लिए 2, बच्चों के लिए 1 और दिव्यांगों के लिए विशेष 1 शौचालय की सुविधा है। इसके अलावा 6 यूरिनल, 3 वॉशबेसिन, सेंसर आधारित शीशे, साबुन डिस्पेंसर, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और इन्सिनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल हैं।

स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इनमें 1000 लीटर की पानी की टंकी और 3000 लीटर क्षमता वाला डीआरडीओ बायो-डायजेस्टर लगाया गया है। इन शौचालयों की डिजाइन न केवल उपयोगी है, बल्कि सौंदर्य की दृष्टि से भी कोस्टल रोड क्षेत्र की खूबसूरती में इजाफा करती है।
महानगरपालिका के अनुसार, इन शौचालयों के उपयोग के लिए महिलाओं और पुरुषों से मात्र 5 रुपये का नाममात्र शुल्क लिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराते हुए आर्थिक शाश्वतता बनाए रखना है।
कुल मिलाकर, कोस्टल रोड पर शुरू की गई यह सुविधा मुंबई को स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।