आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में गुरुवार को पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें हत्या के आरोपी अरबाज खान को पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया। इस एनकाउंटर के दौरान एक पुलिस आरक्षी गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दो थाना प्रभारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं।
दरअसल, बीते 23 जनवरी 2026 की रात थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में राज चौहान नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के लिए थाना ट्रांस यमुना में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस उपायुक्त नगर सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में कुल 9 पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पुलिस जांच के दौरान मुख्य अभियुक्त अरबाज खान उर्फ मंसूरी, निवासी खंदौली, आगरा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को घटना में इस्तेमाल किए गए तमंचे की बरामदगी के लिए पुलिस टीम अपने साथ ले जा रही थी। इसी दौरान 29 जनवरी 2026 को टेड़ी बगिया क्षेत्र में कांशीराम आवास के पास आरोपी ने अचानक एक उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और भागते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी।

आरोपी की फायरिंग में थाना ट्रांस यमुना में तैनात आरक्षी मनोज कुमार गोली लगने से घायल हो गए। वहीं, थाना प्रभारी ट्रांस यमुना उपनिरीक्षक हरेन्द्र गुर्जर और कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरबाज खान को दो गोलियां लगीं एक गोली छाती के बाईं ओर और दूसरी दाहिने पैर में। गंभीर रूप से घायल आरोपी को तत्काल जिला अस्पताल आगरा ले जाया गया, जहां से उसे एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अरबाज खान को मृत घोषित कर दिया।
इस मुठभेड़ में घायल पुलिसकर्मी आरक्षी मनोज कुमार समेत अन्य घायल जवानों को जिला अस्पताल आगरा में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस के मुताबिक, मारा गया आरोपी अरबाज खान का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले भी कई मामलों में संलिप्त बताया जा रहा है।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।