हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष में मुंबईकरों ने भाजपा- महायुति को स्पष्ट बहुमत देकर उनके विचारों को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। यह दावा भारतीय जनता पार्टी के मीडिया विभाग प्रमुख नवनाथ बन ने किया। शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा और महायुति को मिला जनादेश यह साबित करता है कि बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्ववादी विचारों के सच्चे वारिस कौन हैं।
नवनाथ बन ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका में भाजपा महायुति का महापौर पदस्थ होना बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष में उन्हें दी गई सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने लगातार मुस्लिम तुष्टीकरण और एआईएमआईएम से गुप्त गठजोड़ कर बालासाहेब ठाकरे के विचारों को रौंदने का काम किया है। मतदाताओं ने ‘उबाठा’ गुट को पूरी तरह नकारते हुए भाजपा–महायुति को स्पष्ट जनादेश दिया है।
पत्रकार परिषद में नवनाथ बन ने यह भी कहा कि राज ठाकरे व्यक्तिगत लाभ के लिए कभी रुख नहीं बदलते।

महानगरपालिका चुनाव नतीजों के बाद राज ठाकरे ने कल्याण में हिंदुत्व और विकास के लिए लचीला रुख अपनाया है। मनसे का असली शत्रु कौन है, यह चुनाव परिणामों के बाद राज ठाकरे को समझ में आ गया है। इसी वजह से आने वाले समय में राज ठाकरे के महायुति के साथ आने की संभावना से भी उन्होंने इनकार नहीं किया।
दावोस दौरे को लेकर आदित्य ठाकरे पर हमला बोलते हुए नवनाथ बन ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे के दौरान लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के सामंजस्य करार हुए हैं, जिनसे करीब 40 लाख रोजगार सृजित होंगे। 18 देशों से महाराष्ट्र और मुंबई में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है, जिसमें लगभग 83 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है। उन्होंने सवाल उठाया कि पर्यटन मंत्री रहते हुए आदित्य ठाकरे की दावोस यात्रा क्या वास्तव में पर्यटन के लिए थी, और दावोस जाकर उन्होंने किसके लिए काम किया—इन सवालों के जवाब संजय राउत को देने चाहिए।
बदलापुर की घटना पर बोलते हुए नवनाथ बन ने कहा कि यह एक घृणास्पद मामला है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं करेगी। गृह विभाग के माध्यम से कड़ी कार्रवाई कर मासूम बच्ची को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बदलापुर से पहले की घटना में भी दोषी को सजा दिलाने का काम देवेंद्र फडणवीस ने ही किया था।
नवनाथ बन ने कहा कि महाराष्ट्र के किसी भी पूर्व गृह मंत्री में ऐसी सख़्ती और निर्णायक क्षमता नहीं थी। उन्होंने सतेज पाटिल पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें कोल्हापुर संभालना नहीं आता, उन्हें पहले यह सोचना चाहिए कि कोल्हापुरवासियों ने उनकी क्या स्थिति कर दी है, उसके बाद ही आलोचना करनी चाहिए।