मुंबई: मुंबई उपनगर के सह-पालक मंत्री श्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने केईएम अस्पताल और सेठ गोर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज के शताब्दी महोत्सव के अवसर पर कहा कि मुंबई महानगरपालिका को केईएम अस्पताल के ‘किंग एडवर्ड’ नाम को बदलने पर विचार करना चाहिए।
मंत्री लोढ़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश की आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाए जाने के बावजूद अभी भी अंग्रेज़ों की निशानियाँ शहर में मौजूद हैं। केईएम अस्पताल का नाम ब्रिटिश शासन और गुलामी का प्रतीक है और किंग एडवर्ड का भारत से कोई संबंध नहीं है। इसलिए इस नाम को बदलने पर नगर निगम प्रशासन को निर्णय लेना चाहिए।

इसके साथ ही मंत्री लोढ़ा ने अस्पताल और मरीजों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में अब एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का उपयोग होना चाहिए ताकि विशेष मामलों में तुरंत विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक उपचार मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा केंद्र और डिजिटल केंद्र स्थापित किए जाएँ, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ और इलाज, दवाइयों व जांच की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो।

इस अवसर पर अस्पताल की अधिष्ठाता डॉ. संगीता रावत ने भविष्य की मरीज-सेवा योजना की जानकारी दी। शताब्दी महोत्सव में विधायक श्री कालिदास कोलंबकर, उप आयुक्त (सार्वजनिक स्वास्थ्य) श्री शरद उघड़े, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेश मोहिते, लोकमान्य तिलक अस्पताल के अधिष्ठाता डॉ. मोहन इंगळे और दक्षिण मुंबई भाजपा की अध्यक्ष श्रीमती शलाका सालवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।