देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह-सुबह आए इस भूकंप से लोगों में कुछ देर के लिए हलचल जरूर दिखी, हालांकि इसकी तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह 08 बजकर 44 मिनट 16 सेकंड पर दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तरी दिल्ली बताया गया है और इसकी गहराई जमीन से लगभग 5 किलोमीटर नीचे थी। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम तीव्रता के भूकंप को निम्न दर्जे का माना जाता है, जिससे आमतौर पर जान-माल के नुकसान की आशंका नहीं होती।

दिल्ली और एनसीआर भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। राजधानी दिल्ली सिस्मिक जोन-4 में आती है, जहां मध्यम तीव्रता के भूकंप आने की संभावना बनी रहती है। यही वजह है कि बीते कुछ वर्षों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं।
पिछले साल 17 फरवरी को दिल्ली में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र धौला कुआं के पास बताया गया था। वहीं 10 जुलाई को हरियाणा के झज्जर में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी कंपन दिल्ली-एनसीआर तक महसूस की गई थी। इसके अलावा 16 अप्रैल को अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप का असर भी राजधानी तक पहुंचा था। हालांकि अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में 5 से अधिक तीव्रता का कोई बड़ा भूकंप रिकॉर्ड नहीं किया गया है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने स्पष्ट किया है कि सोमवार सुबह आया भूकंप कम तीव्रता का था और इससे किसी भी तरह के नुकसान की संभावना नहीं है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।