मुंबई:मुंबई की सियासत में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब उबाठा गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दगडू सकपाळ ने सैकड़ों समर्थकों के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना (शिंदे गुट) में प्रवेश कर लिया। इस राजनीतिक फेरबदल को महापालिका चुनाव से पहले लालबाग- परेल इलाके में उबाठा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
प्रवेश कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उबाठा गुट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना को खड़ा करने के लिए जिन्होंने जेल की सजा झेली, सैकड़ों मुकदमे अपने ऊपर लिए, ऐसे निष्ठावान शिवसैनिकों को बालासाहेब ठाकरे सवंगडी मानते थे, लेकिन आज कुछ लोग उन्हीं सवंगडियों को घरगड़ी समझने लगे हैं। शिंदे ने कहा कि बालासाहेब कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझते थे, लेकिन उनके जाने के बाद उन भावनाओं की कदर नहीं की जा रही।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना को बचाने, गिरवी पड़े धनुष्यबाण को वापस दिलाने और बालासाहेब के विचारों से समझौता करने वालों को सबक सिखाने के लिए ऐसे फैसले जरूरी हो गए थे। उन्होंने दगडू सकपाळ को बालासाहेब का कट्टर मावळा बताते हुए कहा कि लालबाग- परेल इलाके में शिवसेना को मजबूत करने में दगडूदादा ने अपना पूरा जीवन समर्पित किया।
शिंदे ने यह भी कहा कि दगडू सकपाळ जैसे नेताओं ने शिवसेना के लिए अपने जीवन की परवाह नहीं की, हमले झेले, जेल गए और संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटे। उनके शिवसेना में शामिल होने से लालबाग के राजा और गणेश गली के राजा का आशीर्वाद पार्टी को मिला है।

कार्यक्रम में अशोक सकपाळ, लक्ष्मण सकपाळ, मनसे के शिवड़ी विभाग अध्यक्ष संतोष नलावडे, रेश्मा सकपाळ, सुषमा सकपाळ, जितेंद्र सकपाळ, संपत नलावडे, भरत मोरे, मनोज म्हात्रे, झाहीर शेख, क्षितिज सकपाळ, सुनील सकपाळ और अनिकेत कदम समेत कई प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना में प्रवेश किया।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने 2019 और 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने देखा है कि किसने कितनी सीटें लड़ीं और कितनी जीतीं.
उन्होंने दावा किया कि शिवसेना अब ठाणे तक सीमित नहीं है, बल्कि चांदा से बांदा तक पार्टी का विस्तार हो चुका है। नगर परिषद चुनावों में शिवसेना के 70 नगराध्यक्ष और 1400 से ज्यादा नगरसेवक चुने जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया..
महापालिका चुनाव से पहले दगडू सकपाळ का यह कदम मुंबई की राजनीति में नए समीकरण बनाता दिख रहा है और लालबाग- परेल में शिवसेना (शिंदे गुट) को मजबूत बढ़त मिलने के संकेत दे रहा है।