Home देश“गणेश नाइक को अब वनवास स्वीकार कर लेना चाहिए” महायुति में बयानबाज़ी पर प्रकाश महाजन का तीखा हमला

“गणेश नाइक को अब वनवास स्वीकार कर लेना चाहिए” महायुति में बयानबाज़ी पर प्रकाश महाजन का तीखा हमला

by ashishppandya90@gmail.com
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मुंबई से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां महायुति के भीतर बयानबाज़ी को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है।

शिवसेना प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने बीजेपी के मंत्री गणेश नाइक पर तीखा हमला बोलते हुए साफ कहा है कि गठबंधन की मर्यादा तोड़ने वालों को संयम रखना चाहिए, नहीं तो राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

बाला साहेब भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में बोलते हुए प्रकाश महाजन ने कहा कि महायुति में शामिल सभी दलों शिवसेना, बीजेपी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को एक-दूसरे पर सार्वजनिक बयानबाज़ी से बचना चाहिए। लेकिन बीजेपी मंत्री गणेश नाइक ने शिवसेना के प्रमुख नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणी कर गठबंधन की मर्यादा को ठेस पहुंचाई है।

महाजन ने बेहद तीखे शब्दों में कहा कि गणेश नाइक को उनकी राजनीतिक क्षमता के अनुरूप ही मंत्री पद दिया गया है और अब उन्हें “वनवास” स्वीकार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाइक की उम्र बढ़ चुकी है और अब वे पूरे नवी मुंबई के नेता नहीं रह गए हैं, बल्कि उनकी राजनीति ऐरोली तक सिमट कर रह गई है। यहां तक कि बेलापुर विधानसभा सीट भी उनके हाथ से निकल चुकी है।

प्रकाश महाजन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी सोच-समझ के साथ गणेश नाइक को वन मंत्रालय सौंपा है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जैसे शांत, संयमी और संस्कारी नेता पर बेवजह टीका-टिप्पणी करना गणेश नाइक को शोभा नहीं देता।

इतना ही नहीं, इस दौरान महाजन ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे के ‘लाड़ली बहन योजना’ पर दिए गए बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए एकनाथ शिंदे ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी और उसी सोच से लाड़ली बहन योजना की शुरुआत हुई।
राज ठाकरे के बयान पर तंज कसते हुए महाजन ने कहा कि 1500 रुपये राज ठाकरे के लिए भले ही छोटी रकम हो, लेकिन एक गरीब लाड़ली बहन के लिए यह बड़ी राहत है। यहां तक कि उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि राज ठाकरे के एक कुत्ते का रोज़ का खर्च भी 1500 रुपये हो सकता है, लेकिन जरूरतमंद महिलाओं के लिए यह राशि जीवन में बड़ा सहारा बनती है।

प्रकाश महाजन ने अंत में कहा कि देर से ही सही, लेकिन राज ठाकरे ने अप्रत्यक्ष रूप से लाड़ली बहन योजना की तारीफ ही की है। अब सवाल यही है कि क्या महायुति के भीतर बढ़ती बयानबाज़ी पर शीर्ष नेतृत्व सख्त रुख अपनाएगा या आने वाले दिनों में सियासी तकरार और तेज होगी।

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