नागपुर, 9 जनवरी:
विज्ञान केवल एआई विशेषज्ञ या आईटी इंजीनियर तैयार करने का माध्यम नहीं है, बल्कि ज्ञान से नए आविष्कार और खोजों की निरंतर प्रक्रिया है। प्राचीन काल से ही भारत ने विज्ञान का मार्ग अपनाया है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही भारत की सबसे मजबूत नींव है। यह विचार कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने नागपुर में आयोजित दो दिवसीय विज्ञान उत्सव के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए।
मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारत ने विश्व को शून्य का ज्ञान दिया, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर गणित और विज्ञान का विकास संभव हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में वैज्ञानिक सोच सदियों से रही है और आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी उस विरासत को समझे और आगे बढ़ाए।
विज्ञान भारती विदर्भ प्रदेश मंडल, धरमपेठ एम. पी. देव स्मृति विज्ञान महाविद्यालय तथा राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से अंबाझरी स्थित धरमपेठ एम. पी. देव स्मृति विज्ञान महाविद्यालय परिसर में विदर्भ विज्ञान महोत्सव एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के हाथों हुआ। उद्घाटन के बाद उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विज्ञान प्रकल्पों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

प्रदर्शनी को संबोधित करते हुए मंत्री लोढ़ा ने कहा कि भारतीय विज्ञान और तकनीक को प्रोत्साहन देने में जयंतराव सहस्रबुद्धे का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने स्वदेशी विज्ञान, भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान और पारंपरिक ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। मंत्री लोढ़ा ने यह भी कहा कि जयंतराव सहस्रबुद्धे का नाम 28 फरवरी के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस से जोड़े जाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि शिक्षकों में विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विज्ञान भारती को राज्य सरकार के साथ समझौता करना चाहिए और इस दिशा में 5 लाख रुपये के सहयोग के लिए वे प्रयासशील रहेंगे। मंत्री लोढ़ा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण का कार्य विज्ञान भारती कर रही है और यह प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर उनके विचार भी सुने।

इस विज्ञान प्रदर्शनी में नागपुर जिले के बी.एससी. और एम.एससी. विद्यार्थियों के लगभग 40 विज्ञान प्रकल्प प्रस्तुत किए गए हैं। साथ ही विदर्भ के सभी 11 जिलों में ‘क्लाइमेट चेंज’, ‘वन हेल्थ’ और ‘डिफेंस’ जैसी प्रमुख विषयवस्तुओं पर आधारित रंगोली, पोस्टर, विज्ञान मॉडल और नाटिका प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। उत्कृष्ट प्रकल्प प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को समापन समारोह में पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सार्वजनिक बांधकाम विभाग, नागपुर के मुख्य अभियंता एस. एस. माने, लक्ष्मीनारायण इनोवेशन टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अतुल वैद्य, विज्ञान भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री श्रीप्रसाद जी, संरक्षक डॉ. सतीश वटे, धरमपेठ शिक्षण संस्था के अध्यक्ष उल्हास औरंगाबादकर, सचिव प्रकाश इटनकर, धरमपेठ एम. पी. देव स्मृति विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अखिलेश पेशवे और अतुल मोघे सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।