महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव 2026 का बिगुल बजते ही औरंगाबाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वंचित बहुजन आघाड़ी के युवा नेता सुजात आंबेडकर के प्रचार दौरों ने शहर का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में हुई जनसभाओं में भारी भीड़ उमड़ रही है और इसी मंच से सुजात आंबेडकर ने सत्ताधारी दलों के साथ-साथ AIMIM पर तीखा हमला बोला है।

सुजात आंबेडकर ने AIMIM और बीजेपी के कथित गठजोड़ पर सवाल उठाते हुए कहा कि AIMIM भले ही खुद को बीजेपी का विरोधी बताती हो, लेकिन हकीकत में वह सत्ता के लिए उसी बीजेपी से हाथ मिलाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि AIMIM में टिकट वितरण के लिए रेट तय हैं और पैसे देकर चुने गए पार्षद जनता की सेवा के बजाय अपनी रकम वसूलने में जुट जाते हैं।
अपने भाषण में सुजात आंबेडकर ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “AIMIM का चुनाव चिन्ह पतंग जरूर है, लेकिन उस पतंग की डोर देवेंद्र फडणवीस के हाथ में है। फडणवीस जिस दिशा में पतंग उड़ाते हैं, उसी दिशा में इम्तियाज जलील मुड़ जाते हैं।” इस बयान के बाद औरंगाबाद की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज हो गई है।
सुजात आंबेडकर ने इम्तियाज जलील द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए कथित बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद की महिलाओं के बारे में यह कहना कि उन्होंने 500 रुपये में वोट बेचे, पूरे महिला समाज का अपमान है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और महिलाओं के स्वाभिमान पर सीधा हमला बताया और कहा कि इस अपमान का जवाब चुनाव में दिया जाएगा।

सभाओं के दौरान सुजात आंबेडकर ने स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखते हुए कहा कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याएं जैसे पानी, बिजली, सड़क, महापालिका स्कूल और अस्पताल विधायक या सांसद नहीं, बल्कि नगरसेवक तय करता है। इसलिए नगरसेवक का चुनाव सबसे अहम होता है और जनता को सोच-समझकर अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए।
अन्य दलों में टिकट वितरण को लेकर चल रहे घमासान पर भी उन्होंने निशाना साधा। सुजात आंबेडकर ने कहा कि दूसरे दलों में टिकट कटने पर हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट तक की नौबत आ रही है, जबकि वंचित बहुजन आघाड़ी एकमात्र ऐसा दल है जहां कोई अंदरूनी कलह नहीं है, क्योंकि यह पार्टी जमीन से जुड़े, ईमानदार संघर्षशील कार्यकर्ताओं की है।
शहर के भीमनगर, भावसिंगपुरा सहित कई इलाकों में हुई सभाओं में उमड़ी भीड़ और युवाओं की भागीदारी को देखते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के नेताओं का दावा है कि इस बार औरंगाबाद में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि जनता अब पुराने चेहरों से ऊब चुकी है और बदलाव के मूड में है।