Home देश70,000 करोड़ का ‘बिरयानी टैक्स घोटाला’! हैदराबाद की रेस्टोरेंट चेन की जांच में देशभर में सेल्स छिपाने का खुलासा

70,000 करोड़ का ‘बिरयानी टैक्स घोटाला’! हैदराबाद की रेस्टोरेंट चेन की जांच में देशभर में सेल्स छिपाने का खुलासा

by ashishppandya90@gmail.com
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नई दिल्ली/हैदराबाद: फूड एंड बेवरेज इंडस्ट्री से जुड़ा एक बड़ा टैक्स घोटाला सामने आया है। हैदराबाद की एक प्रमुख बिरयानी रेस्टोरेंट चेन से जुड़े बिलिंग सॉफ्टवेयर की जांच में देशभर के रेस्टोरेंट्स द्वारा बड़े पैमाने पर सेल्स छिपाने का मामला उजागर हुआ है।
Income Tax Department की हैदराबाद जांच इकाई ने जब संबंधित बिलिंग सॉफ्टवेयर का डेटा खंगाला, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अधिकारियों ने लगभग 60 टेराबाइट डेटा का विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल देशभर के एक लाख से ज्यादा रेस्टोरेंट कर रहे हैं और वर्ष 2019-20 से अब तक कम से कम 70,000 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाई गई है।
सूत्रों के अनुसार, कुल संदिग्ध बिक्री में से 13,317 करोड़ रुपये का डेटा जानबूझकर डिलीट किया गया। जांचकर्ताओं ने 1.8 लाख से अधिक रेस्टोरेंट्स के रिकॉर्ड की पड़ताल के लिए डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स, जिनमें जेनरेटिव एआई भी शामिल है, का इस्तेमाल किया।

अधिकारियों का कहना है कि यह बिलिंग सॉफ्टवेयर देश के कुल रेस्टोरेंट बिलिंग सॉफ्टवेयर बाजार का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करता है। यानी वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
राज्यवार जांच में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 5,141 करोड़ रुपये की सेल्स छिपाने के संकेत मिले हैं। इन दोनों राज्यों में 40 रेस्टोरेंट्स का सैंपल लेकर फिजिकल और डिजिटल वेरिफिकेशन किया गया, जिसमें लगभग 400 करोड़ रुपये की अघोषित बिक्री का पता चला।
सबसे ज्यादा गड़बड़ी तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गुजरात में पाई गई। कर्नाटक में करीब 2,000 करोड़ रुपये, तेलंगाना में 1,500 करोड़ रुपये और तमिलनाडु में 1,200 करोड़ रुपये के सेल्स डेटा डिलीट होने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ रेस्टोरेंट्स ने आयकर रिटर्न में कम बिक्री दिखाई, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह मिटाने की कोशिश भी नहीं की। सैंपल स्टडी के आधार पर अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 27 प्रतिशत बिक्री को व्यवस्थित तरीके से छिपाया गया।
बताया जा रहा है कि बिलिंग सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने वाली कंपनी के अहमदाबाद स्थित सेंटर से डेटा एक्सेस किया गया और हैदराबाद स्थित विभाग की डिजिटल फोरेंसिक एंड एनालिटिक्स लैब में उसका विश्लेषण किया गया।

हालांकि अब तक छिपाई गई आय पर लगने वाले टैक्स और संभावित पेनल्टी की आधिकारिक गणना नहीं की गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अंतिम आंकड़ा हजारों करोड़ रुपये और बढ़ सकता है।
यह मामला सामने आने के बाद देशभर के रेस्टोरेंट उद्योग में हलचल मच गई है और आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर नोटिस और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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