Home राज्यमहाराष्ट्र20 साल सेवा के बाद 60 महिला कर्मचारियों की छुट्टी, पालघर में आउटसोर्सिंग नीति के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

20 साल सेवा के बाद 60 महिला कर्मचारियों की छुट्टी, पालघर में आउटसोर्सिंग नीति के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

by ashishppandya90@gmail.com
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पालघर जिले में आदिवासी विकास विभाग की आश्रमशालाओं में पिछले करीब 20 वर्षों से धुलाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत लगभग 60 महिलाओं को अचानक सेवा से हटाए जाने के बाद व्यापक आक्रोश फैल गया है।
राज्य सरकार द्वारा लागू की गई आउटसोर्सिंग नीति के तहत इन कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके विरोध में स्थानीय स्तर पर आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है।


प्रभावित महिलाओं का कहना है कि उन्होंने बेहद कम वेतन सिर्फ 30 से 40 रुपये प्रतिदिन पर अपनी सेवा की शुरुआत की थी। वर्षों की मेहनत और निरंतर कार्य के बाद वर्तमान में उन्हें लगभग 600 रुपये प्रतिदिन का मानदेय मिल रहा था। इसी बीच प्रशासन ने सामूहिक ठेका प्रणाली लागू कर उन्हें कार्य से हटा दिया।
महिलाओं का आरोप है कि इस फैसले से स्थानीय भूमिपुत्र परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उन्हें बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बाहर कर दिया गया।

मामले को लेकर भूमिपुत्र एल्गार संगठन ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन के पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। संगठन के अध्यक्ष प्रमोद पवार ने कहा कि जिन स्थानीय महिलाओं ने वर्षों तक आश्रमशालाओं की सेवा की, उन्हें दरकिनार कर बाहरी एजेंसियों को ठेका देना अन्यायपूर्ण है।
संगठन ने मांग की है कि आउटसोर्सिंग नीति में संशोधन कर इन अनुभवी महिला कर्मचारियों को पुनः सेवा में बहाल किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो जिलेभर में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जबकि प्रभावित परिवारों में अनिश्चितता और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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