भारत ने आईसीसी अंडर-19 वनडे विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप अपने नाम किया। इससे पहले भारत 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में यह खिताब जीत चुका है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत भले ही सामान्य रही, लेकिन वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी ने मैच की दिशा ही बदल दी। वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उन्होंने महज 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है। वैभव के अलावा कप्तान आयुष म्हात्रे ने 53 रन, जबकि अभिज्ञान ने 40 रनों का अहम योगदान दिया। भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 411 रन बनाए और इंग्लैंड को जीत के लिए 412 रनों का विशाल लक्ष्य दिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। बेन डॉकिन्स (66 रन) और बेन मेयस (45 रन) ने पारी संभालने की कोशिश की। एक समय इंग्लैंड का स्कोर 3 विकेट पर 174 रन था, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाकर मैच भारत की झोली में डाल दिया। कैलब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रनों की जुझारू पारी खेली और इंग्लैंड को 300 के पार पहुंचाया, लेकिन उनकी यह पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई।
भारत की ओर से गेंदबाजी में अंबरीश ने 3 विकेट झटके, जबकि दीपेश और कनिष्क को 2-2 सफलताएं मिलीं। इस जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि युवा क्रिकेट में उसका कोई सानी नहीं है।
कप्तान आयुष म्हात्रे के नेतृत्व में भारत की यह जीत खास मानी जा रही है। इससे पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाले भारतीय कप्तानों की सूची में मोहम्मद कैफ, विराट कोहली, उन्मुक्त चंद, पृथ्वी शॉ और यश धुल जैसे नाम शामिल हैं। अब इस फेहरिस्त में आयुष म्हात्रे का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है।

हरारे में तिरंगे की शान, वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक प्रदर्शन और भारतीय टीम का दमदार खेल अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 हमेशा भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद रखा जाएगा।