मणिपुर में नई सरकार के गठन के बाद शांति की उम्मीदें महज 24 घंटे में ही टूट गईं। राष्ट्रपति शासन हटने और युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में सरकार बनने के तुरंत बाद राज्य एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा। चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम के तौर पर नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हालात बेकाबू हो गए, जहां प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच जोरदार झड़प देखने को मिली।
चुराचांदपुर के तुइबोंग इलाके समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में दिनभर तनाव बना रहा। हालात और न बिगड़ें, इसके लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। केंद्र और राज्य सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मणिपुर में कानून-व्यवस्था को संभालने और लंबे समय से जारी जातीय हिंसा पर लगाम लगाने की है।