लाडकी बहिण योजना को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त फैसला लिया है।
ई-केवाईसी समय पर पूरी न करने और पात्रता के नियमों में न आने वाली
राज्य की 67 लाख महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया है।
सरकार के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 तक ई-केवाईसी अनिवार्य की गई थी,
लेकिन तय समयसीमा में केवल 1 करोड़ 80 लाख महिलाओं ने ही
ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की।

जिन महिलाओं की ई-केवाईसी पूरी है और जो योजना के सभी मानकों पर खरी उतरती हैं,उनका लाभ पहले की तरह जारी रहेगा।
जांच में सामने आया है कि कई महिलाओं के पास निजी वाहन हैं,
तो कुछ महिलाएं खुद सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं,जो इस योजना की पात्रता में नहीं आतीं।
इसी कारण सरकार ने अपात्र महिलाओं के नाम अंतिम सूची से हटा दिए हैं।
इससे पहले मंत्री आदिती तटकरे ने साफ संकेत दिए थे कि ई-केवाईसी की समयसीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
अब सरकार के इस फैसले ने लाडकी बहिण योजना में सख्ती की नई तस्वीर साफ कर दी है।