नई दिल्ली से बड़ी सियासी खबर सामने आई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने सब्सटेंटिव मोशन का नोटिस दिया है। दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है।
झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने स्पष्ट किया कि यह प्रिविलेज मोशन नहीं, बल्कि सब्सटेंटिव मोशन है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और उनके कथित तौर पर जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और यूएसएआईडी जैसी संस्थाओं से संबंध हैं। दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारत-विरोधी ताकतों के संपर्क में रहते हैं। उन्होंने थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम और अमेरिका की यात्राओं का भी जिक्र किया।

दुबे ने कहा कि उन्होंने अपने मोशन में इन सभी बिंदुओं का उल्लेख किया है और मांग की है कि राहुल गांधी की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए। साथ ही उन्हें जीवन भर चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाए।
दरअसल, बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार हमलावर रहे हैं। हाल ही में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने लोकसभा में मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसी पृष्ठभूमि में यह राजनीतिक टकराव और तेज होता नजर आ रहा है।

अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा? संसदीय प्रक्रिया के तहत सब्सटेंटिव मोशन एक स्वतंत्र प्रस्ताव होता है। इसके जरिए किसी सांसद की सदस्यता रद्द करने, राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने या मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने जैसी मांग उठाई जा सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला लोकसभा स्पीकर के विवेक पर निर्भर करता है। यदि स्पीकर मंजूरी देते हैं, तो प्रस्ताव सदन में लाया जाएगा और फिर संसद इस पर निर्णय लेगी।
फिलहाल इस मुद्दे ने संसद के अंदर और बाहर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। अब सबकी नजरें लोकसभा स्पीकर के फैसले पर टिकी हैं।