रणजी ट्रॉफी 2025-26 में जम्मू-कश्मीर की टीम ने इतिहास रच दिया है। पहली बार जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने मध्य प्रदेश को 56 रन से हराकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की। यह मुकाबला इंदौर में खेला गया, जहां जम्मू-कश्मीर की टीम ने हर विभाग में दमदार प्रदर्शन किया।
मैच में जम्मू-कश्मीर ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पहली पारी में 194 रन बनाए। इसके जवाब में तेज गेंदबाज़ आकिब नबी की कहर बरपाती गेंदबाज़ी के सामने मध्य प्रदेश की पूरी टीम 152 रन पर सिमट गई। इस तरह जम्मू-कश्मीर को पहली पारी के आधार पर 42 रनों की अहम बढ़त मिली।

दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर ने संयमित बल्लेबाज़ी करते हुए 248 रन बनाए और मध्य प्रदेश के सामने 291 रनों का लक्ष्य रखा। काग़ज़ों पर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता था, क्योंकि मध्य प्रदेश के पास रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल जैसे अनुभवी बल्लेबाज़ मौजूद थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर के गेंदबाज़ों ने मैच पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी मध्य प्रदेश की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 76 रन पर अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। चौथे दिन भी विकेट गिरने का सिलसिला नहीं थमा। सारांश जैन ने 64 रनों की जुझारू अर्धशतकीय पारी खेलकर उम्मीद जगाने की कोशिश की, लेकिन उनके आउट होते ही मध्य प्रदेश की पारी बिखर गई। पूरी टीम 234 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज़ आकिब नबी। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 12 विकेट झटककर मध्य प्रदेश की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। पहली पारी में आकिब नबी ने 40 रन देकर 7 विकेट हासिल किए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 70 रन देकर 5 विकेट चटकाए। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार के लिए यह मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा। वह दोनों पारियों में फ्लॉप साबित हुए और पहली पारी में 10 रन, जबकि दूसरी पारी में सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

इस जीत के साथ ही जम्मू-कश्मीर ने न सिर्फ सेमीफाइनल में जगह बनाई, बल्कि रणजी ट्रॉफी के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। अब सेमीफाइनल में टीम से इसी जज़्बे और प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।