मुंबई को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका के हजारों स्वच्छता कर्मचारी अब विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के दायरे में आ गए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के ‘एफ दक्षिण’ विभाग की पहल पर और टाटा स्मारक रुग्णालय के सहयोग से महानगरपालिका क्षेत्र में कैंसर जांच और जनजागरूकता के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है।
दरअसल, घनकचरा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी रोज़ाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कचरा उठाने, सड़कों की सफाई करने, नालों और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई जैसे कार्य करते हैं। इस दौरान उनका सामना दुर्गंध, धूल और कई हानिकारक तत्वों से होता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। कई कर्मचारी तंबाकू और मद्यपान जैसी आदतों के शिकार भी हो जाते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम और बढ़ जाता है।

इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए उप आयुक्त (परिमंडल-2) प्रशांत सपकाले और एफ दक्षिण विभाग की सहायक आयुक्त वृषाली इंगळे के मार्गदर्शन में इन विशेष स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की गई। शिविर में टाटा स्मारक रुग्णालय के कैंसर प्रतिबंध विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कर्मचारियों की व्यापक जांच की।
महिला कर्मचारियों को स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान के बारे में विशेष मार्गदर्शन दिया गया। वहीं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच के लिए आधुनिक ‘एचपीवी सेल्फ सैंपलिंग’ तकनीक का उपयोग किया गया। इसके अलावा तंबाकू और शराब के दुष्परिणामों को समझाते हुए व्यसनमुक्ति के लिए विशेषज्ञों द्वारा परामर्श भी दिया गया।

जिन कर्मचारियों में आगे की जांच की आवश्यकता पाई गई, उन्हें टाटा स्मारक रुग्णालय के कैंसर प्रतिबंध विभाग में रेफर किया गया है। महानगरपालिका प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि शहर को साफ रखने वाले कर्मियों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित और सुदृढ़ रह सके।