मुंबई को ‘खड्डामुक्त’ बनाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका का सिमेंट कंक्रीटीकरण प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है। मनपा आयुक्त भूषण गगराणी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क कंक्रीटीकरण कार्यों के दौरान सूक्ष्म स्तर पर योजना बनाई जाए और जो भी सड़क खोदी गई है, उसे तय समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
मनपा द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, चरण-1 के तहत निर्धारित लक्ष्य का 77 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि चरण-2 में 52 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। दोनों चरणों को मिलाकर अब तक कुल 63 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। 10 फरवरी 2026 तक 1594 सड़कों के कुल 430.69 किलोमीटर हिस्से का कंक्रीटीकरण किया जा चुका है।

आयुक्त भूषण गगराणी ने कहा कि कंक्रीट सड़कों से यातायात अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज़ होगा। बारिश के दौरान गड्ढों की समस्या काफी हद तक खत्म होगी, जिससे रखरखाव खर्च में भी बड़ी बचत होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि काम के दौरान जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखा जाए, उन्हें पूरी जानकारी दी जाए और उनका फीडबैक लिया जाए।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्त (प्रोजेक्ट) अभिजीत बांगर ने कहा कि मुंबई की घनी आबादी और जटिल शहरी संरचना को देखते हुए यह प्रोजेक्ट बेहद चुनौतीपूर्ण है, लेकिन नियोजनबद्ध तरीके से इसे लागू किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियंता कार्यस्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। सड़क की बेस लेवल से लेकर एग्रीगेट, नमी और तापमान जैसे सभी तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

मनपा ने यह भी स्पष्ट किया है कि 1 अक्टूबर 2025 के बाद शुरू किए गए और अभी अधूरे पड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। वर्तमान सत्र के समाप्त होने से पहले 75 दिनों का समय शेष है। यदि इन 75 दिनों की सूक्ष्म योजना बनाई जाए तो बारिश से पहले परियोजना का अहम चरण पूरा किया जा सकता है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से काम की गुणवत्ता में और सुधार आया है। मनपा प्रशासन का दावा है कि यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट मुंबई की यातायात व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ स्वरूप देने में मील का पत्थर साबित होगा।