मुंबई :मुंबईकरों की रोजमर्रा की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का सहारा लिया जाएगा। मुंबई उपनगर पालक मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका को एआई आधारित शिकायत निवारण नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुंबई में पानी की पाइपलाइन, बिजली की लाइन, गैस और अन्य यूटिलिटी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर अक्सर नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बार-बार सड़कों की खुदाई, विभागों के बीच समन्वय की कमी और शिकायतों के समाधान में देरी जैसी समस्याएं सामने आती रही हैं। इन सभी मुद्दों पर प्रभावी निगरानी और त्वरित समाधान के लिए एआई तकनीक का उपयोग करने पर जोर दिया गया है।

वांद्रे पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर एच पश्चिम वार्ड कार्यालय में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर, विभागीय अधिकारी, पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
एच पश्चिम वार्ड, जिसमें खार, सांताक्रूज़ और वांद्रे क्षेत्र शामिल हैं, वहां कुल 306 सड़कें हैं। इनमें से 234 मुख्य सड़कें और 72 छोटी सड़कें हैं। 234 में से 192 सड़कों के कंक्रीटीकरण की योजना बनाई गई है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले और दूसरे चरण में 168 सड़कों पर काम चल रहा है, जिनमें से 68 सड़कें पूरी हो चुकी हैं। शेष सड़कों का काम 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। तीसरे चरण में 24 सड़कों का काम अभी शुरू होना बाकी है।

छोटी 72 सड़कों में से 56 का काम पूरा हो चुका है और 11 सड़कों पर काम जारी है, जिसे 31 मई से पहले पूरा करने की योजना है। मंत्री शेलार ने नागरिकों को हो रही असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया, लेकिन भरोसा दिलाया कि मई के अंत तक एच पश्चिम वार्ड को गड्ढा मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक में यह भी सामने आया कि बिजली, पानी, गैस और अन्य यूटिलिटी लाइनों के कारण बार-बार सड़कों की खुदाई होती है, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा होती है। विभिन्न प्राधिकरणों के बीच समन्वय की कमी भी एक बड़ी समस्या है।
इसी पृष्ठभूमि में मंत्री आशिष शेलार ने निर्देश दिए कि एआई आधारित एक स्वतंत्र और समन्वित नीति तैयार की जाए, जिससे नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निवारण हो सके, चल रहे कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग हो और विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
अगर यह एआई सिस्टम लागू होता है, तो मुंबई में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति तीनों में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।