मुंबई को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बड़ा कदम उठाया है। बीएमसी ने घनकचरा (प्रबंधन और हैंडलिंग), स्वच्छता एवं स्वच्छताविषयक उपविधि (Bylaws) 2025 जारी किए हैं। इन नए उपविधियों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने, कचरा फेंकने, थूकने और कचरे का वर्गीकरण न करने पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नए नियमों के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 250 रुपये, कचरा फेंकने पर 500 रुपये, गीले और सूखे कचरे का वर्गीकरण न करने पर 200 रुपये और बिना अनुमति निर्माण एवं पाडकाम मलबा (राडारोडा) परिवहन करने पर प्रति वाहन 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देशों पर, अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन और उपायुक्त (घनकचरा प्रबंधन) किरण दिघावकर की देखरेख में मुंबई शहर और उपनगरों में स्वच्छता को लेकर नियमित और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों को मजबूत करने के लिए यह नया उपविधि कानून लागू किया गया है।
डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि मुंबई में उत्पन्न होने वाले गीले और सूखे कचरे के प्रभावी प्रबंधन, वर्गीकरण और वैज्ञानिक प्रक्रिया के लिए यह उपविधि अत्यंत आवश्यक है। यह नियम केंद्र सरकार के घनकचरा प्रबंधन नियम 2016 के अनुरूप तैयार किए गए हैं, ताकि शहर में पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके।
ये उपविधि सभी नागरिकों, सार्वजनिक एवं निजी स्थानों, आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शासकीय, अर्धशासकीय, शैक्षणिक, धार्मिक, मनोरंजनात्मक और सामाजिक स्थलों पर समान रूप से लागू होंगे। इसके तहत कचरा फेंकने पर प्रतिबंध, परिसर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी, कचरे का पृथक्करण, संग्रहण और वितरण, कचरा सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारियां, एमआरएफ सुविधाएं, ई-कचरा, जैव-चिकित्सकीय कचरा, प्लास्टिक और निर्माण मलबे के निपटान के विस्तृत नियम तय किए गए हैं।

बीएमसी ने कुल 21 प्रकार के उल्लंघनों पर दंड तय किए हैं। इनमें सड़क, गली, फुटपाथ या सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकना, थूकना, खुले में नहाना, पेशाब या शौच करना, सार्वजनिक स्थान पर बर्तन या कपड़े धोना, वाहन धोना, आंगन या परिसर साफ न रखना, बिना वर्गीकरण कचरा देना, अवैध रूप से निर्माण मलबा फेंकना या ढोना, बड़े पैमाने पर कचरा जलाना, पालतू जानवरों से गंदगी फैलना और सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद समय पर सफाई न करना शामिल है।
महानगरपालिका ने नागरिकों, व्यापारियों, संस्थानों और आयोजकों से अपील की है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें और मुंबई को स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग दें। बीएमसी का साफ संदेश है स्वच्छता में लापरवाही अब महंगी पड़ेगी।