Home mumbaiमुंबई – गोवा हाईवे पर 15 साल की देरी पर संसद में सवाल, मंत्री नितिन गडकरी ने जून 2026 तक पूरा करने का दिया भरोसा

मुंबई – गोवा हाईवे पर 15 साल की देरी पर संसद में सवाल, मंत्री नितिन गडकरी ने जून 2026 तक पूरा करने का दिया भरोसा

by ashishppandya90@gmail.com
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नई दिल्ली: मुंबई- गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा संसद में गूंजा। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने लोकसभा में सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि मुंबई–गोवा हाईवे का काम शुरू हुए 15 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह परियोजना पूरी क्यों नहीं हो सकी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़ी घोषणाएं तो करती है, लेकिन परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं कर पाती, जिससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है।
सांसद वर्षा गायकवाड ने मुंबई को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाले अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों की देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स जैसे दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे, मुंबई- नागपुर समृद्धि महामार्ग और मुंबई- गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग- में लगातार हो रही देरी और बढ़ती लागत पर सरकार से स्पष्ट रोडमैप मांगा।

उन्होंने यह भी पूछा कि इन परियोजनाओं में देरी से मुंबई महानगर क्षेत्र की मालवाहतूक, बंदरगाह कनेक्टिविटी और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर क्या असर पड़ा है? साथ ही गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कौन से ठोस कदम उठा रही है?
इस पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जवाब देते हुए बताया कि मुंबई (पनवेल) से गोवा/महाराष्ट्र सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-66 की कुल लंबाई लगभग 485 किलोमीटर है। इस चार लेन परियोजना की शुरुआत दिसंबर 2011 में 12 पैकेजों में की गई थी। अब तक 465 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 20 किलोमीटर का काम प्रगति पर है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री गडकरी ने स्वीकार किया कि भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी, यूटिलिटी शिफ्टिंग और कुछ ठेकेदारों की धीमी प्रगति के कारण परियोजना में देरी हुई।


उन्होंने यह भी बताया कि मुंबई- नागपुर समृद्धि महामार्ग महाराष्ट्र सरकार द्वारा विकसित किया गया है और इसे यातायात के लिए खोला जा चुका है। वहीं दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 1350 किलोमीटर है, जिसमें से करीब 875 किलोमीटर हिस्सा यातायात के लिए शुरू किया जा चुका है। दिल्ली से वडोदरा खंड को मई 2026 और वडोदरा से मुंबई खंड को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

सरकार का कहना है कि मुंबई को अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है और राज्य सरकारों के साथ समन्वय बैठकों के जरिए काम में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या तय समयसीमा में ये महत्वाकांक्षी परियोजनाएं पूरी हो पाएंगी या फिर मुंबई- गोवा हाईवे की तरह इनकी समयसीमा भी आगे खिसकती रहेगी इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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