महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों का लंबा इंतजार आज खत्म हो गया है। शनिवार को राज्य की 12 जिला परिषदों और उनके अंतर्गत आने वाली 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान हो रहा है। सुबह 7.30 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 5.30 बजे तक चलेगी। राज्य चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
इस चुनाव में सबसे ज्यादा निगाहें पुणे जिला परिषद पर टिकी हुई हैं। पुणे जिला परिषद लंबे समय से पवार परिवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। लेकिन बदले राजनीतिक हालात और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़ती ताकत के चलते इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
मतदान के दौरान दिवंगत अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार अपने बेटे युगेंद्र पवार के साथ काटेवाड़ी स्थित प्राथमिक स्कूल के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे। वहीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी पार्थ पवार और अपनी सास आशाताई पवार के साथ मतदान करेंगी। पवार परिवार की मौजूदगी ने इस चुनाव को सियासी तौर पर और ज्यादा अहम बना दिया है।
बीते कुछ वर्षों में पुणे जिले की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अजित पवार के निधन के बाद स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरण बदले हैं और BJP ने अपनी पकड़ लगातार मजबूत की है। इस बार अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP पुणे जिला परिषद की 73 में से 72 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि BJP ने 55 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ स्थानीय सत्ता का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और वर्चस्व की लड़ाई भी माना जा रहा है।

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र में कुल 731 जिला परिषद सीटों और 1,462 पंचायत समिति सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में कुल 7,438 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिला परिषद की 731 सीटों में से 369 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति के लिए 83, अनुसूचित जनजाति के लिए 25 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 191 सीटें आरक्षित की गई हैं। इन आरक्षित सीटों पर 2,624 उम्मीदवार मैदान में हैं।
पंचायत समिति की 1,462 सीटों में से 731 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 166, अनुसूचित जनजाति के लिए 38 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 342 सीटें आरक्षित की गई हैं। पंचायत समिति चुनाव में कुल 4,814 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
आज जिन 12 जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर शामिल हैं।
गौरतलब है कि पहले मतदान 5 फरवरी को होना था, लेकिन 28 जनवरी को उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। इसके बाद राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया, जिस कारण चुनाव की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी।
राज्य चुनाव आयोग ने बताया है कि मतगणना 9 फरवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही आदर्श आचार संहिता हटा ली जाएगी।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार मतदाताओं की संख्या भी काफी बड़ी है। राज्य में कुल 1,06,33,269 पुरुष मतदाता, 1,01,86,965 महिला मतदाता और अन्य श्रेणी के 468 मतदाता हैं। मतदान के लिए पूरे राज्य में 25,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए करीब 1.28 लाख कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें 125 रिटर्निंग ऑफिसर और 125 असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर शामिल हैं। आयोग ने 51,537 कंट्रोल यूनिट और 1,10,329 बैलेट यूनिट सहित पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की व्यवस्था की है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मतदान प्रक्रिया के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
मतदाताओं को दो वोट डालने होंगे। एक वोट जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के लिए और दूसरा पंचायत समिति निर्वाचन मंडल के लिए। जिला परिषद का वोट सफेद बैलेट यूनिट पर, जबकि पंचायत समिति का वोट गुलाबी बैलेट यूनिट पर डाला जाएगा।
मतदाता राज्य चुनाव आयोग के ‘मताधिकार’ मोबाइल ऐप के जरिए अपने नाम और मतदान केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आयोग की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई है।
वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं के लिए मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और शौचालय जैसी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव गांवों के विकास, भविष्य की दिशा तय करने और लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।