Home mumbaiमराठवाड़ा में सियासी हलचल: शेतकरी नेता शंकर अण्णा धोंडगे हजारों समर्थकों संग शिवसेना में शामिल

मराठवाड़ा में सियासी हलचल: शेतकरी नेता शंकर अण्णा धोंडगे हजारों समर्थकों संग शिवसेना में शामिल

by ashishppandya90@gmail.com
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मुंबई, 16 फरवरी:
महाराष्ट्र की राजनीति में खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। लोहा-कंधार के पूर्व विधायक और वरिष्ठ किसान नेता शंकर अण्णा धोंडगे ने अपने हजारों समर्थकों के साथ शिवसेना में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया। यह पक्षप्रवेश उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मुंबई स्थित ‘नंदनवन’ निवास पर आयोजित कार्यक्रम में संपन्न हुआ।


मराठवाड़ा, विशेष रूप से नांदेड़ जिले में किसान संगठनों पर प्रभाव रखने वाले धोंडगे के सत्ताधारी दल में शामिल होने को ग्रामीण राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, उनके दल-बदल को लेकर कांग्रेस की ओर से भी प्रयास हुए थे, लेकिन अंततः उन्होंने शिवसेना का दामन थामने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना मालिक-नौकर की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भी उन्होंने खुद को एक कार्यकर्ता माना और आगे भी उसी भावना से काम करेंगे। शिंदे ने कहा कि पार्टी छत्रपति शिवाजी महाराज, बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे के विचारों पर चल रही है।

शंकर अण्णा धोंडगे के योगदान की सराहना करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्होंने जीवनभर किसान आंदोलन में काम किया है और किसानों की समस्याओं को नजदीक से समझा है। मराठवाड़ा में उनके संगठनात्मक नेटवर्क से शिवसेना की किसान इकाई और मजबूत होगी।
किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए शिंदे ने कहा कि राज्य की तिजोरी पर पहला अधिकार ‘बळीराजा’ यानी किसान का है। उन्होंने बताया कि शेतकरी सम्मान योजना के तहत सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है, फसल बीमा को सरल बनाया गया है और प्राकृतिक आपदा से जुड़े नियमों में भी राहत दी गई है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि उचित समय पर किसान कर्जमाफी पर भी निर्णय लिया जाएगा।
इस कार्यक्रम में धोंडगे के साथ दत्ता आनंदराव पवार, नीलमताई खेमनर, शिवराज धोंडगे, गोविंदराव भवर, मनोहर पटवारी, लक्ष्मणराव वंजे, अनिल फंड, बबनराव गवारे, मंचकराव बचाटे, दिलीप धोंडगे, भैय्यासाहेब पाटील, मारुति जाधव और अनिल यादव सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने भी शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की।
धोंडगे के इस कदम से मराठवाड़ा के ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है, और माना जा रहा है कि इससे सत्ताधारी दल को किसान वर्ग में नई मजबूती मिल सकती है।

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