Home राज्यमहाराष्ट्रपवार परिवार की राजनीति में बड़ा संकेत, सुनेत्रा की शपथ में शामिल नहीं होंगे शरद पवार

पवार परिवार की राजनीति में बड़ा संकेत, सुनेत्रा की शपथ में शामिल नहीं होंगे शरद पवार

by ashishppandya90@gmail.com
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एनसीपी की राजनीति में एक बार फिर बड़ा संदेश देने वाला फैसला सामने आया है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह से एनसीपी (एसपी) सुप्रीमो शरद पवार ने दूरी बना ली है। राजभवन में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में शरद पवार शामिल नहीं होंगे और वे बारामती में ही रहेंगे। उनके इस फैसले को सियासी हलकों में एक स्पष्ट राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।


गौरतलब है कि बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया था। इस हादसे के बाद राज्य की राजनीति में तेज़ी से घटनाक्रम बदला। सत्तारूढ़ महायुति के अहम घटक दल एनसीपी में नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई। इसी कड़ी में आज दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में दिवंगत अजित पवार के कार्यालय में एनसीपी विधायक दल की बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने रखा, जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया। विधायक दल की नेता चुने जाने के बाद आज ही सुनेत्रा पवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए ठाणे से मुंबई रवाना हो चुके हैं। समारोह में अजित पवार गुट के सभी विधायक, सांसद और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इससे साफ है कि सत्ता पक्ष ने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर तेजी से कदम बढ़ाए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच शरद पवार की गैरमौजूदगी सबसे अहम राजनीतिक संकेत मानी जा रही है। इससे पहले यह चर्चा तेज थी कि एनसीपी के दोनों गुट एक बार फिर एकजुट हो सकते हैं। अटकलें यहां तक थीं कि अजित पवार और शरद पवार के बीच मुलाकात भी हुई थी और चाचा-भतीजा फिर साथ आने की तैयारी में थे। खुद शरद पवार ने आज यह खुलासा किया कि अजित पवार 12 फरवरी को पार्टी विलय की घोषणा करने की योजना बना रहे थे, लेकिन उनकी असामयिक मृत्यु से यह प्रक्रिया अधूरी रह गई।


सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर इन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। उनके उपमुख्यमंत्री बनने के साथ ही यह साफ हो गया है कि फिलहाल एनसीपी के दोनों गुटों के बीच एकीकरण की संभावना दूर है। शरद पवार का शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहना इसी बदले हुए राजनीतिक समीकरण को रेखांकित करता है।

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