देवलाली की फील्ड फायरिंग रेंज एक बार फिर भारतीय सेना की अग्नि-शक्ति की साक्षी बनी।
भारतीय आर्टीलरी रेजिमेंट के वार्षिक प्रमुख फायर पावर अभ्यास एक्सरसाइज TOPCHI-2026 का आयोजन 21 जनवरी 2026 को स्कूल ऑफ आर्टीलरी, देवलाली में किया गया। इस अभ्यास में आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप भारतीय सेना की मारक क्षमता, तकनीकी दक्षता और ऑपरेशनल तैयारी का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
इस भव्य अभ्यास का आयोजन लेफ्टीनेंट जनरल एन. एस. सरना, कमांडेंट, स्कूल ऑफ आर्टीलरी एवं कर्नल कमांडेंट, आर्टीलरी रेजिमेंट के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टीनेंट जनरल मनीष एरी, कमांडेंट, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंग्टन रहे। इस अवसर पर डीएसएससी वेलिंग्टन और डिफेंस सर्विसेज टेक्निकल स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारी, नेपाल आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के अधिकारी, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधि, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ महाराष्ट्र के विभिन्न स्कूलों और महाविद्यालयों के छात्र भी मौजूद रहे।

एक्सरसाइज TOPCHI-2026 में आधुनिक युद्ध प्रणाली के अनुरूप तोप, मोर्टार, मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन और एविएशन एसेट्स का एकीकृत प्रदर्शन किया गया। अभ्यास के दौरान स्वदेशी और आधुनिक हथियार प्रणालियों की लाइव फायरिंग ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इसमें के-9 वज्रा सेल्फ प्रोपेल्ड गन, एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर, 155 मिमी बोफोर्स, सोल्टम, धनुष, 105 मिमी इंडियन फील्ड गन, लाइट फील्ड गन, 120 मिमी मोर्टार, ग्रैड बीएम-21 और पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर की मारक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।

अभ्यास की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि इस वर्ष सीमा सुरक्षा बल (BSF) की गन डिटैचमेंट और भारतीय नौसेना के ड्रोन ऑपरेटर्स ने भी पहली बार इसमें भाग लिया। इसके साथ ही पैराशूट रेजिमेंट के पैराट्रूपर्स, पैरामोटर्स और हैंग ग्लाइडर्स के साथ, युद्धक्षेत्र में बहु-आयामी क्षमताओं का प्रदर्शन करते नजर आए।
यह अभ्यास न केवल भारतीय आर्टीलरी की पेशेवर दक्षता और संचालनात्मक उत्कृष्टता को दर्शाता है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी मजबूती देता है। स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के व्यापक उपयोग ने यह स्पष्ट किया कि भारत आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

एक्सरसाइज TOPCHI-2026 ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि भारतीय आर्टीलरी आज भी युद्धक्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम है और भविष्य की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।