Home देशदावोस की ‘इवेंटबाज़ी’ में जनता के पैसों की बर्बादी, मुंबई की कंपनियों से करार के लिए स्विट्ज़रलैंड क्यों?- वर्षा गायकवाड

दावोस की ‘इवेंटबाज़ी’ में जनता के पैसों की बर्बादी, मुंबई की कंपनियों से करार के लिए स्विट्ज़रलैंड क्यों?- वर्षा गायकवाड

by ashishppandya90@gmail.com
0 comments

मुंबई:महाराष्ट्र में निवेश लाने के नाम पर दावोस जाना भाजपा–महायुति सरकार की सिर्फ़ इवेंटबाज़ी है और इसके ज़रिए जनता के पैसों की खुली बर्बादी की जा रही है। यह आरोप मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जिन कंपनियों से निवेश समझौते किए जा रहे हैं, वे मुंबई की ही हैं, तो उनके लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जाने की ज़रूरत आखिर क्यों पड़ी?

सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही दिन 14.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 15 लाख रोजगार सृजन के करार होने का दावा किया है। जिन कंपनियों से ये समझौते किए गए हैं, उनमें लोढ़ा डेवलपर्स के साथ 1 लाख करोड़ रुपये, के. रहेजा ग्रुप के साथ 80 हजार करोड़ रुपये और अल्टा कैपिटल–पंचशील के साथ 2 लाख करोड़ रुपये के करार शामिल हैं। ये सभी कंपनियां मुंबई में स्थित हैं और कुछ तो मंत्रालय से कुछ ही दूरी पर हैं। ऐसे में इन कंपनियों से मुंबई में ही करार क्यों नहीं किए गए, यह एक बड़ा सवाल है।

वर्षा गायकवाड ने कहा कि राज्य में निवेश आना चाहिए, इसका किसी को विरोध नहीं है। लेकिन सरकार जो दावे कर रही है और ज़मीनी हकीकत क्या है, यह जानना जनता का हक़ है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल भी मुख्यमंत्री ने दावोस में 16 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों का दावा किया था। अगर वाकई इतने बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार आ रहा है, तो फिर राज्य में बेरोजगारी कम क्यों नहीं हो रही?

उन्होंने मांग की कि अब तक दावोस में किए गए सभी निवेश समझौतों की एक श्वेतपत्रिका जारी की जाए। इसमें यह साफ़ बताया जाए कि कितने करार वास्तव में ज़मीन पर उतरे, कितनी वास्तविक पूंजी महाराष्ट्र में आई और उससे कितने लोगों को रोजगार मिला। सांसद वर्षा गायकवाड ने कहा कि निवेश के नाम पर धूल झोंकने की बजाय सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए और जनता के सामने पूरी सच्चाई रखनी चाहिए।

You may also like

Leave a Comment