जालना में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के एक बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया है। सपकाल द्वारा हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना मैसूर के शासक टीपू सुल्तान से किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है।
भाजपा ने इस बयान को महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान बताते हुए 15 फरवरी को कांग्रेस सांसद कल्याण काले के जालना स्थित कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा के जालना ग्रामीण और महानगर इकाइयों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की।

वहीं, भाजपा के विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए। बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक अपने कार्यालय के बाहर जमा हुए और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। कुछ समय के लिए दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर भारी बंदोबस्त तैनात किया। नारेबाजी तेज होने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाइश दी और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस की सतर्कता के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचाव हो सका।
हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जालना के राजनीतिक वातावरण को गर्मा दिया है। शिवाजी महाराज जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर दिए गए बयान को लेकर अब राज्य की राजनीति में भी बहस तेज होने के आसार हैं।