पुणे से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शरद पवार से मुलाकात कर उनकी तबीयत का हालचाल जाना।
रामदास आठवले दिल्ली से सीधे पुणे पहुंचे और रूबी अस्पताल में भर्ती शरद पवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पवार की सेहत की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि तबीयत ठीक न होने के बावजूद शरद पवार ने संसद की कार्यवाही को लेकर सवाल किया। इस पर रामदास आठवले ने उन्हें जानकारी दी कि राज्यसभा की कार्यवाही चल रही है, लेकिन लोकसभा में हंगामे के कारण कामकाज प्रभावित है।
आठवले ने कहा कि शरद पवार की इच्छाशक्ति मजबूत है और वे जल्द स्वस्थ होंगे। इस मुलाकात के दौरान शरद पवार की पत्नी प्रतिभाताई पवार और उनकी पुत्री सांसद सुप्रिया सुळे भी मौजूद थीं।

मुलाकात के बाद सुप्रिया सुळे से बातचीत में रामदास आठवले ने दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के विलय को समय की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित दादा पवार की भी इच्छा थी कि दोनों एनसीपी का एकीकरण हो। अगर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो दोनों पार्टियों का विलय होना चाहिए। आठवले ने यह भी सुझाव दिया कि विलय के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस को महाराष्ट्र में महायुति और केंद्र में एनडीए के साथ आना चाहिए।

वहीं पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रामदास आठवले ने दिवंगत अजित दादा पवार के विमान हादसे को लेकर चल रही अटकलों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि यह एक दुर्घटना थी, इसमें किसी तरह के साजिश या घातपात का मामला नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हादसे की तकनीकी जांच जरूर होनी चाहिए।
आठवले ने कहा कि यदि बारामती में विमान उतारने में दिक्कत हो रही थी तो पायलट को पुणे एयरपोर्ट पर लैंडिंग करनी चाहिए थी। हादसे के पीछे क्या तकनीकी कारण थे, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान जो भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे, वे स्थानीय स्तर के थे और महायुति के भीतर किसी शीर्ष स्तर के मतभेद का मामला नहीं था।
रामदास आठवले ने दोहराया कि अजित दादा पवार के विमान हादसे को लेकर साजिश की बात करना गलत है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।