मुंबई: मुंबई का प्रतिष्ठित काला घोड़ा कला महोत्सव 2026 इस बार केवल कला का महोत्सव नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक सक्षमीकरण का आदर्श भी साबित हुआ। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के सहयोग से 18 पंजीकृत महिला बचत समूहों ने महोत्सव के 9 दिनों में कुल 8 लाख 54 हजार 500 रुपये के उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

बीएमसी प्रशासन हमेशा जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न पहल करता है। इसके तहत महिला बचत समूहों को आर्थिक सहायता दी जाती है और उनके उत्पादों को प्रदर्शित करने और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए व्यासपीठ उपलब्ध करवाए जाते हैं।
इस वर्ष 31 जनवरी से 8 फरवरी 2026 तक आयोजित महोत्सव में लाखों नागरिक और देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भाग लिया। इस अवसर पर बीएमसी ने अपने क्षेत्र के महिला बचत समूहों को हस्तकला, घरेलू खाद्य पदार्थ और अन्य उपयोगी उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए विशेष जगह प्रदान की।

बीएमसी की इस पहल से महिला बचत समूहों को न केवल आर्थिक लाभ हुआ, बल्कि उनके उत्पादों का ब्रांडिंग, नए ग्राहकों से संवाद और बाजार का अनुभव भी प्राप्त हुआ। इस वर्ष पहली बार तृतीयपंथी बचत समूह ने भी महोत्सव में भाग लिया, जो इस पहल की सबसे बड़ी सफलता है।

बीएमसी के नियोजन विभाग की निदेशक डॉ. (श्रीमती) प्राची जांभेकर के अनुसार, “महिला बचत समूहों को केवल प्रशिक्षण नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें उचित बाजार भी उपलब्ध कराया जाता है। काला घोड़ा कला महोत्सव जैसे वैश्विक मंच पर महिलाओं और तृतीयपंथी समुदाय को 8.54 लाख रुपये की सेल हासिल करना उनके आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण चरण है।”