Home दुनियाएपस्टीन फाइल्स से ब्रिटेन में सियासी भूचाल, पीएम कीर स्टार्मर पर बढ़ा दबाव, इस्तीफे से किया इनकार

एपस्टीन फाइल्स से ब्रिटेन में सियासी भूचाल, पीएम कीर स्टार्मर पर बढ़ा दबाव, इस्तीफे से किया इनकार

by ashishppandya90@gmail.com
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लंदन : ब्रिटेन में एपस्टीन फाइल्स के नए खुलासों ने राजनीति में जबरदस्त हलचल मचा दी है। अमेरिकी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार गंभीर राजनीतिक संकट में घिर गई है। विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन पीएम स्टार्मर ने साफ शब्दों में कहा है कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे और देश की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी हालिया फाइलों में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन और जेफरी एपस्टीन के बीच करीबी संबंधों का जिक्र है। इन दस्तावेजों के अनुसार, मेंडेलसन ने वर्ष 2008 से 2010 के बीच एपस्टीन के साथ संवेदनशील सरकारी जानकारियां साझा की थीं। यही मेंडेलसन 2024 में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के फैसले पर अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत नियुक्त किए गए थे, जबकि उनके एपस्टीन से पुराने संबंध पहले से सार्वजनिक थे।

खुलासों के बाद प्रधानमंत्री स्टार्मर पर नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उनका एपस्टीन से कभी कोई संपर्क नहीं रहा और उनके खिलाफ किसी भी तरह के यौन दुराचार के आरोप नहीं हैं। स्टार्मर ने एपस्टीन के पीड़ितों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें मेंडेलसन की बातों पर भरोसा करने का अफसोस है।
प्रधानमंत्री ने यह भी ऐलान किया है कि मेंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि यह साफ हो सके कि वेटिंग प्रक्रिया के दौरान उन्हें कैसे गुमराह किया गया। संकट के बीच पीएम के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है, जिन्होंने मेंडेलसन की नियुक्ति की सिफारिश की थी।
सियासी बवाल के बीच लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री का समर्थन किया है। उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी और विदेश सचिव यवेट कूपर ने स्टार्मर के नेतृत्व को मौजूदा वैश्विक हालात में जरूरी बताया है। वहीं, विपक्ष इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में बिना आम चुनाव के भी प्रधानमंत्री बदले जा सकते हैं, लेकिन लेबर पार्टी के भीतर ही कई सांसदों का मानना है कि इस वक्त नेतृत्व परिवर्तन से हालात और बिगड़ सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि एपस्टीन फाइल्स से उठा यह सियासी तूफान ब्रिटिश राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।

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