Home दुनियाएपस्टीन फाइलों में पीएम मोदी का जिक्र बेबुनियाद, भारत सरकार ने इज़रायल यात्रा से जुड़े सभी दावों को किया खारिज

एपस्टीन फाइलों में पीएम मोदी का जिक्र बेबुनियाद, भारत सरकार ने इज़रायल यात्रा से जुड़े सभी दावों को किया खारिज

by ashishppandya90@gmail.com
0 comments

एपस्टीन फाइलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी इज़रायल यात्रा से जुड़े दावों पर भारत सरकार ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और निंदनीय बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने कहा है कि इस तरह के दावे एक दोषी अपराधी की मनगढ़ंत और सनसनीखेज कल्पनाओं के अलावा कुछ नहीं हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।


शनिवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि सरकार ने एपस्टीन फाइलों से जुड़े कुछ ईमेल का संज्ञान लिया है, जिनमें कथित रूप से प्रधानमंत्री मोदी और उनकी इज़रायल यात्रा का उल्लेख किया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2017 में इज़रायल की एक आधिकारिक और सार्वजनिक यात्रा की थी, जो पूरी तरह से कूटनीतिक कार्यक्रम का हिस्सा थी। इसके अलावा ईमेल में किए गए अन्य सभी दावे पूरी तरह झूठे और आधारहीन हैं।

विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि इन ईमेल्स में की गई बातें एक दोषी अपराधी की बेतुकी और भ्रामक कल्पनाएं हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन दावों का न तो कोई तथ्यात्मक आधार है और न ही किसी तरह का प्रमाण। सरकार ने ऐसे आरोपों को नजरअंदाज किए जाने की अपील की है और कहा है कि इनका उद्देश्य केवल भ्रम फैलाना और सनसनी पैदा करना है।

गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल से जुड़े जांच और मुकदमों से संबंधित लाखों दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। यह जानकारी 19 नवंबर 2025 से लागू हुए ‘एपस्टीन फाइल्स पारदर्शिता अधिनियम’ के तहत जारी की गई है। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इस समीक्षा के दौरान तीन मिलियन से अधिक पन्नों की सामग्री, हजारों वीडियो और लाखों तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं।

जेफरी एपस्टीन एक प्रभावशाली वित्त कारोबारी था, जिसकी वर्ष 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी। उस पर संघीय सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप थे। उसकी करीबी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल को बाद में दोषी ठहराया गया और वह वर्तमान में लंबी जेल की सजा काट रही है।

भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एपस्टीन फाइलों के नाम पर प्रधानमंत्री मोदी या भारत को बदनाम करने की किसी भी कोशिश का कोई आधार नहीं है और ऐसे दावों को पूरी तरह खारिज किया जाता है।

You may also like

Leave a Comment