वाशिंगटन :अमेरिका में जेफरी एपस्टीन फाइलों से जुड़े नए खुलासों ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से लाखों पन्नों के दस्तावेज़, हजारों तस्वीरें और वीडियो जारी किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इन फाइलों में न सिर्फ ट्रंप बल्कि अमेरिका और दुनिया की कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम सामने आने का दावा किया गया है।
एपस्टीन फाइलों में किए गए दावों के मुताबिक, ट्रंप और इज़रायल के रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया है कि ट्रंप इज़रायल के प्रभाव में हैं और एपस्टीन के ज़रिए इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़े कथित संपर्कों के संकेत मिलते हैं। हालांकि इन दावों को अब तक आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं किया गया है।

अमेरिकी न्याय विभाग ने साफ किया है कि जारी किए गए कई दस्तावेज़ों में राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ “गलत और सनसनीखेज” आरोप शामिल हैं, जिन्हें पहले ही रेडैक्ट किया जा चुका है। ट्रंप के पूर्व करीबी और अमेरिका के उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने कहा कि व्हाइट हाउस की इन फाइलों की समीक्षा में कोई भूमिका नहीं रही और राष्ट्रपति के खिलाफ किसी तरह की शर्मनाक सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इन फाइलों में ट्रंप के अलावा माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, मशहूर फिल्म निर्माता वुडी एलेन और कई अन्य कारोबारी, राजनेता व शिक्षाविदों के नामों का ज़िक्र होने का दावा किया गया है। कुछ ईमेल और ड्राफ्ट दस्तावेज़ों में इन हस्तियों के एपस्टीन से सामाजिक और व्यावसायिक संबंधों का उल्लेख किया गया है, हालांकि सभी ने आरोपों से इनकार किया है।
एपस्टीन फाइलों में यह भी दावा किया गया है कि वह दुनिया के अमीर और ताकतवर लोगों के लिए एक बड़े यौन तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। उसकी पूर्व सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल को इस मामले में दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन कथित सह-अपराधियों के नाम अब भी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

नए खुलासों में ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर को लेकर भी चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। एक गोपनीय सूत्र के हवाले से कहा गया है कि कुशनर का ट्रंप प्रशासन और कारोबारी फैसलों पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव था। रिपोर्ट में उनके पारिवारिक और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, हालांकि ये सभी दावे अप्रमाणित बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एपस्टीन फाइलों की पूरी रिलीज़ अमेरिका की राजनीति में बड़े भूचाल का कारण बन सकती है। ट्रंप समर्थक इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि विरोधी दल स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन खुलासों का असर अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर कितना गहरा होगा, यह देखना बाकी