मुंबई में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी और मुंबई पुलिस के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व एसीपी दया नायक बताकर 85 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी से 1 करोड़ 27 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की पहचान टीआईएफआर से सेवानिवृत्त मनमोहन जौहरी के रूप में हुई है, जो अंधेरी के जुहू- वर्सोवा लिंक रोड इलाके में रहते हैं।

पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर को जौहरी को एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बेंगलुरु के अशोक नगर पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया और दावा किया कि जौहरी का नाम एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है। ठग ने कहा कि उनके बैंक दस्तावेज एक आरोपी से बरामद हुए हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उनके खातों की जांच की जाएगी।
कुछ ही देर बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को सीबीआई अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक बताया। इस व्यक्ति ने गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। डर और दबाव में आकर जौहरी से कहा गया कि जांच के नाम पर वे अपनी सभी एफडी तुड़वाकर बताए गए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दें।
धमकियों से घबराकर पीड़ित ने 2 से 10 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग खातों में कुल 1 करोड़ 27 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई और पश्चिम प्रादेशिक साइबर सेल से संपर्क किया।

जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर परशुराम जगताप नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि किस तरह साइबर ठग बुजुर्गों को डर और कानून के नाम पर फंसाकर उनकी जीवन भर की कमाई लूट रहे हैं।