Home देशउबाठा शिवसेना परकेंद्रीय अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग का शिकंजा: आदिवासी युवक से मारपीट मामले में कार्रवाई के निर्देश

उबाठा शिवसेना परकेंद्रीय अनुसूचित जनजाति राष्ट्रीय आयोग का शिकंजा: आदिवासी युवक से मारपीट मामले में कार्रवाई के निर्देश

by ashishppandya90@gmail.com
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मुंबई: मुंबई महापालिका चुनाव के दौरान आदिवासी युवक के साथ मारपीट के मामले में उबाठा शिवसेना की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले में मुंबई पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

घटना 15 जनवरी को गिरगांव इलाके में हुई थी। पीड़ित आदिवासी युवक केशव पावरा का आरोप है कि वह नंदुरबार से रोज़गार के लिए मुंबई आया था और मतदान स्थल पर भोजन व पानी वितरण का काम कर रहा था। तभी उबाठा शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला किया और उसकी जाति का जिक्र करते हुए गालियाँ दीं।

केशव पावरा ने इस घटना की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई, लेकिन न्याय की संभावना कम देखते हुए उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच और की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी लिखित रूप में प्रस्तुत करें।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर समय पर रिपोर्ट नहीं दी गई, तो आयोग संविधान के अनुच्छेद 338(क) के तहत सिविल न्यायालय के अधिकारों का प्रयोग कर सकता है और व्यक्तिगत उपस्थिति भी अनिवार्य कर सकता है।

इस आदेश के बाद उबाठा शिवसेना के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी संकट बन गया है।

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