महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार की मौत को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत को रहस्यमयी बताते हुए भाजपा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राउत का दावा है कि अजित पवार के पास भाजपा के कथित घोटालों से जुड़ी एक अहम फाइल थी, जिसके खुलासे से पहले ही उनकी मौत हो गई।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने कहा कि 15 जनवरी को अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से भाजपा के खिलाफ एक घोटाले की फाइल होने की बात कही थी और उसके कुछ ही दिनों बाद 28 जनवरी को एक विमान हादसे में उनकी मौत हो गई। राउत ने इस घटनाक्रम को संयोग नहीं, बल्कि रहस्यमयी बताते हुए कहा कि अजित पवार भाजपा से दूरी बनाकर अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में लौटना चाहते थे। उनके अनुसार, यह फैसला भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता था।

राउत ने यह सवाल भी उठाया कि एक वरिष्ठ नेता के साथ विमान यात्रा के दौरान न तो उनका ओएसडी मौजूद था और न ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी। उन्होंने विमान की सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर भी संदेह जताया। हालांकि, शरद पवार पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अजित पवार की मौत एक दुर्घटना थी और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
संजय राउत ने यह भी कहा कि समय के साथ यह साफ होगा कि यह मामला जितना सरल दिखाया जा रहा है, उतना है नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अब पूरी तरह भाजपा के नियंत्रण में चली गई है।

वहीं राउत के आरोपों पर भाजपा की ओर से तीखा पलटवार किया गया है। भाजपा एमएलसी चित्रा वाघ ने कहा कि संजय राउत अपने राजनीतिक हितों के लिए एक दुखद मौत का इस्तेमाल कर रहे हैं और बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अजित पवार के पास भाजपा के खिलाफ कोई दस्तावेज थे और वे नष्ट नहीं हुए हैं, तो उन्हें सामने लाया जाना चाहिए।
चित्रा वाघ ने यह भी कहा कि राउत को भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए और यदि उन्हें कोई संदेह है तो वे अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। भाजपा ने पूरे मामले को बेबुनियाद आरोप करार देते हुए साफ किया है कि अजित पवार की मौत को लेकर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।